हंसी का मजा है अलग,
कॉमेडी का यही है तलब।
हंसते रहें, ये ही है धरोहर,
कॉमेडी से भरी हो ये दुनिया महकी रहे चमकले।।
कॉमेडी से हर मन हो भरा,
हंसी रहे सब के हों चली कमी खरा।
रोक लें सभी अपने रोमांचक सफर को,
कॉमेडी है फिर भी अकेले हम सब के हो खिलखिलाहट से भरे।।
-कवि लोकेश
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