प्रेरणा
हर सुबह एक नई किरण से,
जिन्दगी में हो एक निराश पर तीर से।
जिन्हें सपने देखना आता है,
उन्हें खुदा का आशीर्वाद मिलता है।
असफलता से मत भागो तुम,
हर ठोकर में है छिपा कोई गुम।
जो गिर के फिर उठता है,
वहीं सच्चा वीर बनता है।
जिगर से जीतने का हो जज्बा,
हर मुश्किल का सामना करो गजबा।
आशा की लौ जलाए रखो,
अपने दिल की आवाज सुनाए रखो।
हर कठिनाई में है एक सबक,
सपनों को साकार करने का है मज़ा।
आगे बढ़ो, रुको मत,
सपने तुम्हारे हैं, सच्ची जरूरत।
तो चलो यार, अब एक नई सुबह लाएँ,
अपनी मेहनत से दुनिया को दिखाएँ।
प्रेरणा का दीप जलाकर चलें,
सपनों की ऊँचाइयों को छू लें।
-कवि लोकेश
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