प्रेरणा की किरण
चले जो सपनों की ओर, उठे जो उत्साह का शोर,
हर कठिनाई को छूते, हम आगे बढ़ते हैं और।
चमके जब आसमान में, तारे हो मुस्कान,
हर नन्हीं उम्मीद में, है छिपा एक जहान।
कामयाबी की राहों में, चलते हैं जो जज़्बे से,
सपने सच होते हैं, मेहनत के झोंके से।
गिरते हैं जो जमीं पर, फिर से उठते हैं यही,
आगे बढ़ने की चाह में, जनून होता है सही।
प्रेरणा की मिठास से, रचते हैं हम नई लकीर,
हर मुश्किल को पार कर, बनाते हैं एक नई तस्वीर।
जिंदगी की इस यात्रा में, जो मेहरबानी है,
सपनों की उड़ान भरें, यही सच्ची कहानी है।
-कवि लोकेश
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