तुम्हारी दिया हुआ वादा,
न जी पाया हूँ मैं तब से,
मन में छा गया है गहरा दर्द,
अब फूलों की बहार में नहीं हूँ मैं।
तुम्हारे बिना आधा जीना है,
मुझे लगता है अब अकेला हूँ मैं,
मेरी जिंदगी का सबसे अच्छा हिस्सा थी तुम,
अब तुम्हारी ख्यालों में ही रहना है।
तुम्हारे बिना अधूरी है मेरी रातें,
तुम्हारे बिना बेसब्री से भरी है मेरी रातें,
अब मैं अपने आप से जुदा हूँ,
तुम्हारी यादों में खोया हूँ मैं।
तुम्हारे साथ बिताए हुए पल,
आज बहुत बेमानी सी लगती है,
वक्त के साथ बदल गये हम,
अब अलग दिशा में चले हैं हम।
तुम्हारे बिना जीना मुश्किल है,
पर इसे भी मैंें निभाना है,
आखिरी दिन तक तुम्हारा हमें इंतजार है,
कि कभी फिर से मिल जाओ तुम।
-कवि लोकेश
Discover more from Kavya Manthan
Subscribe to get the latest posts sent to your email.