तुम्हारे बिना जीना मुश्किल हो गया,
तुम्हारे बिना जीते हुए मरना है।
तुम्हारे बिना दिल का सच्चा दर्द,
ज़िन्दगी का हर पल बन गया कठिन।
तुम्हारी यादों से दिल भरा है,
तुम्हारे ख्यालों में हर रोज रोना है।
तुम से मिलने की चाह हर दिन है,
पर अब तुम्हारे बिना जीना नामुमकिन है।
दिल टूटा, यादें छीनी,
कैसे भूलाएं तुम्हें हम।
दर्द भरी रातें, उनके बिना हर दिन बेचैन,
अब तो तुमसे मिलने की अब मनाही की और भी चाहत मने।
ये ब्रेकअप का दर्द, नजर आता हैं कहीं-कहीं,
समझ नहीं आता कितनी साथियों में कैसे तुम्हें बिना जी है।
खुशियों की जगह गम मिल गया है,
तुम्हारे बिना दिल के किसे कहूं, किसे ना कहूं, ये बिना वजह रोने के दिन हैं।
कभी कभी अल्फाज़ ज्यादा नहीं होते,
हर किसी के लिए अपनापन की नहीं होती है।
ब्रेकअप का दर्द हर किसी को नहीं होता है,
इसे समझने के लिए तुमको ही होता हूं।
तुम्हारा जाना, मेरे लिए इतना मुश्किल,
तुम्हारे साथ गुजारे पल अब क्यों लगते निराले।
तुम्हें भूलने की कोशिश करता हूं मैं,
पर कैसे भूल सकता हूं तुम्हें, जो मेरे दिल की कलाई में वह ख़ुशबू जैसे वह हमेशा हो।
ब्रेकअप का दर्द झेलना सच मुश्किल है,
पर वक्त के साथ इसे भीक जाना पड़ता है।
हर चीज बदल जाती है जीवन का सफर,
लेकिन तुम्हारी यादों में जिन घड़ियों को बिताया है,
वो पल जिंदगी भर याद आते हैं।
-कवि लोकेश
Discover more from Kavya Manthan
Subscribe to get the latest posts sent to your email.