यहाँ एक कविता है ब्रेकअप के विषय में:
तेरे बिना अब ये दिल अधूरा है,
खुशियों का चनन, अब तो सुनहरा है।
हर याद में है तेरी खुशबू बसी,
यहाँ अब सिर्फ, दर्द का साया है।
दिन चढ़े जब, तेरे संग की बातें,
रात की चाँदनी में, वो मीठी रातें।
तन्हाई में खो जाएं हम,
बस यही एक, अब रह गई मातें।
ख्वाबों का महल, बिखर गया है,
तेरे जाने से, सुना-सुना सा महक गया है।
दिल की दीवार पर, नाम लिखा था तेरा,
अब उसके कोने में, एक अजीब सा सन्नाटा है।
पर आँसू छिपाकर, चलना सीखा मैं,
हर दर्द को मुस्कुराने में ढाला मैंने।
नफरत नहीं तुझसे, बस एक अलविदा,
तेरी यादों में बसा, ये सारा सफरथा।
आगे बढ़ूँगा, नयी राहों पर चलूँगा,
तेरे बिना अब ये दिल खुद को पहचानूँगा।
तू जहाँ भी है, खुश रहे यह दुआ है,
ब्रेकअप सही, पर यादें अब भी खास हैं।
-कवि लोकेश
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