तुम मेरे साथ थे, मैं तुम्हारे साथ था
हर रोज़ हम एक-दूसरे के साथ बिताते थे
पर कुछ दिनों से तुम अलग होते नजर आए
मेरे होंठों पे हंसी, मेरे आँसू प्यार से सामने आए
तुमने कहा कि तुम्हें मुझसे कोई गिला नहीं है
पर कुछ भी न कहने पर भी अहसास दिलाए
तुमने मुझसे कहा कि मेरी दुरियाँ तुम्हें पसंद आती हैं
मैंने समझा कि मेरे लिए तुम्हें छोड़ना ठीक है
आज हम अलग हैं, न एक-दूसरे से मिल पाएंगे
पर हमारी यादें हमेशा जीवन में बनी रहेंगी
अब मेरी आँखों में आँसू है, दिल उदास है
पर देखो, दरिया भी बेवफा नहीं है, वो भी साहिल की तरह हमेशा साथ रहेगा।
-कवि लोकेश
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