बता ना सकी वो दिल की बातें,
तन्हाई में रोती थी रातें।
दिवारों को चुपके सुनाती,
दिल की गहराइयों में छुपाती।
दर्द भरी खामोशी में,
छिपा रही थी खुद को हमेशा।
उसकी अदा से मोहब्बत की,
अब तक न पूरी हुई आस हमें।
क्यों न कहा हमसे सच,
क्यों छुपाया दिल का दर्द।
अब हम अपना जीना मुश्किल समझते हैं,
क्योंकि तू नहीं है हमारे पास।
अलविदा कर दिया हमें तू,
अब हम तेरी यादों में मर जाते हैं।
क्योंकि ब्रेकअप का दर्द,
कोई और नहीं समझ सकता।
-कवि लोकेश
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