तुम्हारे बिना मेरी जिंदगी सुनी सी लगती है,
तुम्हारे बिना मेरी जिंदगी सूनी सी लगती है।
तुम्हारे साथ गुजरे पल बहुत याद आते हैं,
गुनाह वो मेरी, जिन्हें ना तुम माफ कर पाते हो।
दूरियां बढ़ी, मंजिलें डूब गई,
तुम्हारे बिना ये दिल रूह टूट गई।
एक अजनबी बन गये हम,
कुछ कह ना सके, और सच कहा ना सके हम।
इस खतमी से पहले भी थी कभी एक शुरुआत,
पर अब न जाने क्यों ये दिल रो रहा है बर्बाद।
तेरी यादों में दुख की रातें गुजरी हैं,
तुझसे मिलती और बिताई हुई पल हैं।
कुछ कहना बाकी है जो बात रह गई अधूरी,
इस ब्रेकअप ने कर दिया हमें अजनबी हमारी।
क्या कहें, कैसे कहें, समझ में नहीं आता,
तुम्हें भूल पाना मुश्किल है, ये दिल रुलाता है जल्दी।
इस ब्रेकअप का दर्द अभी तक नहीं मिटा,
तेरी यादों में मेरा दिल आँसू बहता है।
कोई नई राह जो धुंधली सी नज़र आती है,
पर तेरे बिना मेरी दुनिया बांधी सी रह जाती है।
ब्रेकअप का दर्द, इश्क में ली गई सजा,
तेरी यादों में हर रोज ये दिल सुराहा।
जाने क्या होगा बिना तुम्हारे मेरा हाल,
पर तुझसे दूर होकर ये दिल जीना जल्दी सोचता है।
ब्रेकअप का दर्द, इश्क में ली गई सजा,
तेरी यादों में हर रोज ये दिल सुराहा।
-कवि लोकेश
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