तुम्हारे बिना मेरा जीना
जैसे बिना अंधेरा चाँदनी
हमारी दिल की छोटी छोटी बातें
आज लगती हैं कुछ अनकही बातें
तुम्हारी यादों में खोये हुए
मैं अब तक सोये हुए
तुमने छोड़ दिया मुझे अकेला
हर दिन लगता है तन्हा, भीखारा
मोहब्बत की कहानी अधूरी छोड़ गए
प्यार की बातें भूल कर जीने को मजबूर कर गए
तुम्हारे बिना मेरा जीना
जैसे बिना अंधेरा चाँदनी।
अब ज़िन्दगी का हर पल कठिन है
तुम्हारी यादों में दुखिया हूँ मैं
कभी तुम्हें फिर से पाने की ख्वाहिश
कभी अपने आप को भूल कर दूसरी सोचूँ।
तुम्हारे बिना मेरा दिल बेचैन है
तुम्हें याद करके रो रहा है
ये बिगड़ी ज़िन्दगी अब कैसे संभलूँ
तुम्हारे बिना मेरा जीना मुश्किल है।
-कवि लोकेश
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