वो रातें हमारी बातें
बिताते थे साथ साथ
फिर एक दिन आया वो पल
जब तुमने कह दिया अलविदा
तुम्हारी आवाज से भीगी हुई
मेरी आँखों में बरसात
क्या था वो गलती हमारी
जो तुमने कर दी अलविदा
मेरा दिल बहुत दर्द से भरा
तेरे जाने के बाद
क्या करूं मैं अब तन्हाई में
कैसे जीऊं मैं इस अलविदा के बाद
तुम्हारी यादों से भरी है ये रातें
मेरी आँखों में आंसू बरसात
कैसे भूलूँ मैं तुम्हें
जिन्हें कह दिया तुमने अलविदा
तुम्हारी यादों से भरी है ये रातें
बिताना मुश्किल है हर कदम
कैसे काटूं मैं इस तन्हाई को
जिसके बाद तुमने कह दिया अलविदा
-कवि लोकेश
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