तुम्हारी यादें मेरे दिल में एक अलग ख्फ़ा है,
बिना तुम्हारे जीना, बस एक सज़ा है।
तुम्हारी महोब्बत का जो अहसास था,
उसे भूलाना भी मेरे लिए कठिन काम है।
तुम्हारी बेवफाई का दर्द अभी तक है,
मेरे दिल को तुम्हारे बिना सहने की आदत नहीं।
लेकिन हो गया हमारा रिश्ता कि अब कोई वास्ता नहीं,
बस खुदा से दुआ करता हूँ कि तुम्हे हर खुशी मिले जहां भी हो।
तेरी यादों में जलते हैं मेरे दिल के दरमियान,
तू न होना मेरे संग, यही एक बेबुनियाद तरान।
-कवि लोकेश
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