दिल में छाई उदासी, हो गई है दूरियाँ,
बिछा गई है तन्हाई, बिखर गए हम धरती पर।
तेरी यादों से भरी, हो गई है ये रातें,
बिना तेरे जीना, लगता है मुश्किल इस जहां में।
तेरी मोहब्बत ने छीना, मेरी खुशियों का मेल,
अब कैसे जियूं बिना तेरे, लगता है बहुत है कठिन।
तुझसे मिलकर हुआ था मेरा सब कुछ,
अब वो सब कुछ गया, जैसे हवा में हो धुल।
तू ने तुझे छोड़ दिया, इस दर्द से मेरा दिल,
तोड़ने के लिए तूने मेरी ख्वाहिशों को है बाँधा।
मुझे क्या पता था, तू मेरी जिंदगी में आयेगा,
प्यार करने के बाद भी, तूने मेरे दिल को है तोड़ा।
ये ब्रेकअप की गहराई, समझना है मुझे,
अब मजबूर हूँ मैं, जिये जा रहा हूँ तन्हाई के दिन।
-कवि लोकेश
Discover more from Kavya Manthan
Subscribe to get the latest posts sent to your email.