दर्द भरी रातें, खोजती हैं सुबह,
तेरी यादों में, फिर से मिलता हूँ तुझसे अलविदा।
साथ चलने के लिए, बनाया था हमने सपना,
पर अब वो सपना, बिखर गया है हमारे बीच की दीवारों पर।
तेरे बिना जीना, अब मुश्किल होता जा रहा है,
तू मुझसे छीन गया है, मेरी रूह का हर एक आंसू।
क्यों दिया था वादा, क्यों खेले थे इस दिल के साथ,
तू चला गया मेरे जीवन से, अब बस है ये साथी साथ।
मेरी जिंदगी की कहानी, अब एक नया मोड़ लेगी,
तू चला गया है, फिर से मुझसे मिलने की कोई उम्मीद नहीं।
अलविदा कहते हुए, दिल में एक खाली पन महसूस हो रहा है,
पर इस ब्रेकअप के बावजूद, उम्मीद है कल को एक नया सुबह का सुख।
-कवि लोकेश
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