तुम्हारे बिना जीना मुश्किल हो गया,
तुम्हारे साथ रहना हमारा सिकंदर हो गया।
खुशियों की राह में आया है दरार,
ब्रेकअप का दर्द दिल में उतर हो गया।
तुम्हारे बिना जीना हालतों का बवंडर,
जुदाई का दर्द किया हमें बेक़रार।
बिना तुम्हारे सब कुछ बेमानी सा लगता है,
अब कैसे करूँ तुम्हारे बिना जीना, यार।
लेकिन आएगा वक़्त, बदल जाएगी ये हालात,
ब्रेकअप का दर्द भी दूर जाएगा, समझात।
तुम्हें भूल आने का दरवाजा, हम खोलेंगे,
नयी और खुशियों से हर पल को भरेंगे।
ब्रेकअप की फिक्र अब हम भूला देंगे,
नयी इश्क मोहब्बत में खुशबू खोलेंगे।
तुम्हारी यादों से हमें बचपना है,
अब अपने नए जीवन को हम जीना है।
ब्रेकअप का दर्द है, पर हम टिकेंगे,
निकलेंगे हम नए सपनों की ऊंचाइयों में।
अब ब्रेकअप से नहीं डरते हम लोग,
नए इश्क के सिलसिले में खो जाएँगे हम।
सो चलो, छोड़कर दर्द के सवालत,
नए राह पर चले, नए ख्वाब देखेंगे हम।
-कवि लोकेश
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