तोड़ दिया वादा, छोड़ दिया दिल,
किया हमें अफसोस, किया कर गयी खिल,
बिछड़ गए हम, बिछड़ गए राहों से,
बर्बाद हो गए हम, बर्बाद हो गए बातों से।
फिर क्यों ना जी पाए, ऐसे क्यों बिछड़,
क्यों ना मिल सके, एक दूसरे के लिए मजबूर,
गुनहगार हम, वो बेगाने क्यों हो गए,
किसके कहने पर हम, एक दूसरे से बिछड़ गए।
दिल टूटा है, खामोशी छा गई है,
कोई बात नहीं, सब कुछ मिटा गई है,
अब क्या कहें, कैसे भूलें इन सारी यादें,
अब तो बस इंतजार है, अब सब कुछ खत्म हो गई है।
ब्रेकअप क्या है, ये हमें समझाता है,
खुदा जाने क्यों, ये हमें रुलाता है,
पर क्या करें, अब तो जी लें इसे,
क्योंकि उसके बिना, हमारी जिंदगी अधूरी सी है।
-कवि लोकेश
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