वो दिन था जब हम साथ थे,
सजा हुआ था हर पल हमारे लिए।
पर एक दिन आ गई ताक़त हमारे बीच,
और हमारे रिश्ते में आ गया ब्रेकअप का सफर।
दिल बेदर्द और तोड़ा हुआ,
मन करता था रोक लूं सारी बातें।
पर ज्यादा दर्द का अहसास हुआ,
जैसे प्यार का सफ़र ही किसी काली रात में खो गया।
अब ये दिन बीत गए,
दिल अब भी नहीं भुला वो जुदाई का दर्द।
पर मन में एक आस है कुछ कहीं,
कि मिलेगा वो वक़्त जब फिर से होगा हमारा मिलन।
फिर से होगा वो प्यार का इज़हार,
और फिर से होगा दिलों का एक साथी सफर।
पर उस दिन का इंतज़ार अभी बाकी है,
जब हम दोनों बिना किसी मायूसी के वो सुनहरी यादों के संसार में फिर से खो जाएंगे।
-कवि लोकेश
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