दिल टूटा तनहाई में,
बिखर गये सपने सारे।
दर्द छुपाए बहार में,
आंसू बहाए खुद से प्यार में।
अब कैसे करूँ मैं सहना,
तेरा इंतजार करना।
मेरी यादों का आगाज़,
तेरे ख्यालों में खो जाना।
तेरी गलियों की रौशनी,
अब मेरे दिल को छू नहीं सकती।
तेरी वो धड़कनें,
मेरी आंखों में परेशानी बनकर बैठी।
तेरे बिना जीना हो मुश्किल,
पर तेरे साथ रहना अभी और भी उसकी भेंट है।
क्योंकि हमारा प्यार था सच्चा,
पर अब तकदीर ने हमें अलग कर डाला।
अब बस ये प्यार का ख्वाब है,
जिसे पूरा कर पाना नहीं है मुझे।
अब आगे बढ़ना है अकेले,
और तुझे भूलने की कोशिश करनी है मुझे।
ऐ दिल, खो दे इस दर्द को,
और चल अगले सफर पर अकेले।
क्योंकि चाहत का सफर अभी बाकी है,
फिर से नए प्यार की तलाश में होनी है हमें।
-कवि लोकेश
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