तुम्हारी यादों से छुटकारा चाहिए,
मेरे दिल को अब और तुम्हारी ख़बर नहीं चाहिए।
तुमने कहा था मुझसे प्यार करते हो,
पर अब वह वादा भी तोड़ दिया है तुमने दिन भर रोकर।
तुम्हारी चाहत का सिलसिला अब कत्ता हो गया,
मेरे दिल का दर्द अब और बढ़ा हो गया।
सच मानो, तुमने मेरे दिल को तोड़ दिया है,
मेरी आँखों से आंसू बहाना तुमने सिखा दिया है।
पर कोई बात नहीं, जाने दो तुम्हें,
मेरी तन्हाई भले ही और भड़काए मगरमच्छी महसूस कराएगी तुम्हें।
अब शायद हमारा साथ बीत गया हो,
पर फिर भी मैं तुम्हारे लिए दुआएँ बोलूँगा हर सांस के साथ।
तुम्हें खुश रहने की दुआ करता हूँ मैं,
लेकिन अपनी तन्हाई में तुम्हारे ख्यालों के साथ।।
-कवि लोकेश
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