जीवन में जब उदासी छाई हो,
और मन में आशा छिपी हो।
तो एक झलक तुम्हारी मुस्कान की,
मेरी रूह में जागी उम्मीद की।
तुम्हारी मेहनत, तुम्हारी लगन,
हमें सिखाती है अनगिन।
तुम्हारे साथ, हम भी चलें,
सपनों की उड़ान संग चढ़ें।
तुम्हारी कहानी, हमारी प्रेरणा,
जल्दी ही होगा हमारा सपना।
इसी भावना के साथ,
जीना है हमें तुम्हारी मोहताज़।
आओ बनीए तुम मेरी इन्स्पिरेशन,
मुझे दो सच्चाई की दलदल से उपर उठने का साहस।
-कवि लोकेश
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