उठो, चलो, आगे बढ़ो,
रोशनी की ओर अपने कदम बढ़ाओ।
हर दिन सुबह सुनो एक स्वर,
जागरूक बनो, मिलो खुद को इंशान के भार।
सपने देखो, मन में आग जलाओ,
हार नहीं मानना, मुश्किलें झेलना है वजर।
अपनी मेहनत से रोज खुद को बढ़ाओ,
इन्स्पायर होकर खुद को हर रोज बनाओ।
अपनी चाहत को साकार करो,
हर सपने को पूरा करने का इरादा धरो।
खुद को पूरी नहीं, बल्कि समष्ट में ढालो,
इन्स्पायरेशन से खुद को पुनः उठा दो।
-कवि लोकेश
Discover more from Kavya Manthan
Subscribe to get the latest posts sent to your email.