प्रेरणा
चले जब हम राह पर, अंधेरा था चारों ओर,
आसमान में छाए थे, निराशा के बादल जोर।
एक सितारा चमका, दिल में बसी एक आशा,
उसकी रोशनी से मिली, हमें नई दिशा।
कदम बढ़ाए हम, न डरते मुसीबतों से,
हर चुनौती को समझा, वो है सिर्फ एक खेल।
हौंसला बढ़ता गया, जब मित्रों का साथ मिला,
सपनों की ऊँचाइयों को, हमने नया रंग दिया।
हार नहीं मानेंगे, यही है संकल्प हमारा,
प्रेरणा का दीप जलता, हर पल संग हमारे।
सपने साकार होंगे, विश्वास के साथ चलें,
जीवन की इस यात्रा में, खुद को हर दिन पेंट करें।
हर ठोकर से उठेंगे, हर गिरने से जानेंगे,
प्रेरणा की ताकत से, सब कुछ पा जाएंगे।
चलो मिलकर चलें, इस उत्साह के साथ,
प्रेरणा है जीवन में, जो देती हर एक बात।
-कवि लोकेश
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