बढ़ते कदम, नई राहें तलाशो,
सपनों की खोज में, दूर तक बढ़ो।
हर मुश्किल राह में, न हार मानो,
अपने हौसले को, हमेशा जगाओ।
चाहे हो सुख-दुख, ये जीवन का खेल,
हर पल में छुपा है, ताजगी का मेल।
जो ठान लो दिल से, वो कर के दिखाओ,
सपनों की ऊँचाइयों तक, तुम जाओ।
असफलताएँ आएँगी, ये सच है जानो,
लेकिन हर गिरने से, तुम फिर उठ जाओ।
हिम्मत की किरण से, अंधेरों को छाँटो,
सचाई के रास्ते पर, तुम चलकर दिखाओ।
हर सुबह की किरण से, नई उम्मीद जगाओ,
अपने मन में छुपी, आग को जलाओ।
हर राह में छूटे, जो खुशबू का एहसास,
उन्हें अपना साथी बना, बढ़ाओ विश्वास।
सपने हैं सच होते, ये याद रखो तुम,
हर कदम पर करो, मेहनत और संघर्ष।
अपने दिल की सुनो, वो है सच्चा साथी,
उड़ान भरने के लिए, बस कीजिए तैयारी।
-कवि लोकेश
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