उड़ान भरने की चाह में हूँ,
नई राहों में चलने की तलाश में हूँ।
मन में जगी है ज्योति की तिलक,
उसी तिलक के साथ आगे बढ़ने की आस में हूँ।
हर कठिनाई को देखकर हनुमान की भावना से जोड़ता हूँ,
सपनों को पूरा करने की हौसला बढ़ाने की आशा में हूँ।
अपने अंदर के ज्वलंत उत्साह को जगाने की मशीन हूँ,
अब और किसी से प्रेरित होने की ज़रूरत महसूस नहीं करता हूँ।
जिद करने की शक्ति का साथ दे,
जीवन को उसी भावना के साथ जीने की राह दिखाए।
जिन्दगी के सारे मुश्किलों का सामना किया,
अब हर मुद्दे को आसानी से सुलझा पाऊं यह सोचता हूँ।
इंस्पिरेशन की तलाश में हर पल में रहता हूँ,
अपने सपनों को साकार करने के लिए हर रोज़ सर झुकाता हूँ।
-कवि लोकेश
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