जग यहाँ संगीत गाए,
सबने इक दूर्भारी समझाई।
उसका साथी है,
और खुदा का आलम भी वोह।
हर कदम में एक मुसीबत है,
फिर भी हमें ना डरना है।
क्योंकि उठा भी सकता हूं,
उसकी मिली ताक़त से मैं क्या नहीं।
जीवन की यह चाहत,
जो सभी के है उद्देश्य।
मन में सजीवन कर लेने की,
वोही सच्ची उत्साह की शक्ति।
मंजिल का निर्धारण है इंसान,
खुद में ही एक उत्साह लेना है।
उसकी रोशनी में आराम होता है,
उसकी परीक्षा से इनाराम होता है।
इंस्पायर होने की यह शक्ति,
जो बनाती है हमें सफल।
हमें उसका सामर्थ्य लेना है,
और आगे उस दिशा में चलना है।
जीवन में जो कुछ भी पाना है,
उसके लिए उन्हें खुद के अंदर देखना है।
उन्हे एक नई उर्जा मिलजाती है,
जो हमें हर कठिनाई से तकलीफ खड़ा करने में साहायक होती है।
इजज़त से जिए,
और आत्मसम्मान से सफलता पाये।
उजज़न से भरपूर दुनिया का एहसास हो,
और उन्नति की राह में पकड़ने की गाड़ि चले।
उसकी शक्ति से ही हमें उठना है,
और उसकी ही रुख में चलना है।
उसकी मदद से ही हमें सिद्धि ढ़री है,
और आत्मबल से ही अपने लक्ष्यों की प्राप्ति हुई है।
-कवि लोकेश
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