बेशक, यहाँ एक कविता है प्यार पर:
प्यार की धड़कन, सुगंधित रुत है,
दिल की गहराइयों में, इसकी ख़ुशबू बसी है।
तेरे बिना दुनिया, जैसे वीरान सूनी,
तेरे साथ चलूँ, जैसे चाँदनी की डोली।
तिरी हंसी से महके, ये चारों ओर,
तेरे बिना काटे, ये वक्त का दौर।
मेरे ख्वाबों में तू है, मेरे अरमानों में तू,
तेरे दर से आती, मेरी हर सुबह नई।
तेरे नज़दीक आकर, बिखर जाते हैं शब्द,
तेरी माँग में चाँद, और तारे जैसे बगिया।
हर पल तेरा साथ, जैसे बारिश की बूंदें,
तेरे प्यार में खो जाऊं, जैसे नदी बहे।
प्यार का ये जादू, हर दिल में छुपा,
तेरी मेरी कहानी, जैसे कोई मीठा सपना।
बस तू ही सजे, मेरी जिन्दगी की किताब,
तेरे बिना, ओ मेरे प्यार, अधूरी हर आवाब।
-कवि लोकेश
Discover more from Kavya Manthan
Subscribe to get the latest posts sent to your email.