प्रेम की गहराई
तेरे बिना ये दुनिया अधूरी,
तेरे साथ हर लम्हा है नागिन की नूरी।
तेरी हंसी से सजे हैं मेरे सपने,
तेरे नज़र से ही मिलते हैं ये सब रंगीले चंपने।
तेरी बातों में छिपा है जादू,
तेरे बिन लगता है जैसे हर दिन है काजू।
जब तू पास होती है, सब कुछ लगता है सही,
तेरा साथ हो तो हर दर्द भी लगता है हसीं।
तू चाँद की रौशनी, मैं रात का साया,
तेरे प्रेम में मैंने सीखा, कैसे जीना है सच्चा।
तेरी आँखों में खो जाने का है आसमान,
तेरे प्रेम में ही मिला मुझे हर एक इरासमान।
आज भी ये दिल तेरा दीवाना,
तेरे बिना अधूरा, तुझसे मिलता है नज़ाना।
प्रेम की इस कथा को न कभी भुला पाएँगे,
तेरा नाम लूँ लब से, हम सदा यही गाएंगे।
-कवि लोकेश
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