प्रेम की रागिनी
तारों की छाँव में, ख्वाबों की लहरें,
तेरे बिना सुनती, मुरझाई से फलकें।
तेरी मधुर बातें, जैसे बहारों का गान,
दिल की धड़कन में सजता, तेरा ही ज्योतिर्मय नाम।
चाँदनी रातों में, तेरी खुशबू बसी,
हर एक साअत में, तेरा एहसास झली।
हँसना तेरे संग, है जीवन की सजा,
प्रेम की इस रागिनी में, छुपा है मेरा सारा नज़ा।
सूरज की पहली किरण, तेरे चेहरे पर चमके,
हर सुबह की शुरुआत, तेरे संग जो ताजमहल बने।
इस दिल के बाग में, महके हैं तुझे चाहने के फूल,
तू है मेरा सबकुछ, मेरी खुशी, मेरा ध्रुव तारा, मेरा जादू।
-कवि लोकेश
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