प्यार का रंग लेकर आया हूँ,
तुम्हारी बाहों में समाया हूँ।
तुम्हारी निगाहों का जादू,
मेरे दिल को चुराया हूँ।
मोहब्बत की लहरों में बहते,
तुम्हारे लिए दुनिया सजाया हूँ।
तुम्हें चाहना है मेरी आदत,
तुम्हारे बिना नहीं जी पाया हूँ।
प्यार की गहराइयों में खो जाना,
तुम्हारे लिए मैं तरस खाया हूँ।
तुमसे है मोहब्बत, तुम्हीं हो सच्चा प्यार,
तुम्हें खोकर ही मैंने खुद को पाया हूँ।
-कवि लोकेश
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