प्रेम की बूँदें
तेरे आँखों में एक समुंदर है,
हर लहर में, एक नया सफर है।
तेरी मुस्कान में बसी है खुशी,
जैसे बागों में खिलता हर एक फूल है।
तू है चाँद, मैं हूँ रात का साया,
तेरे बिना ये जीवन अधूरा सा पाया।
तेरे साथ बिताए हर एक क्षण में,
दिल में गूँजता, प्रेम का गाना है।
वक्त थम जाए, जब तू पास आए,
इस दिल के तारों में, ख्वाब सजाए।
तेरे बिना हर रंग, हर सुर है फीका,
तू मेरी ज़िंदगी, तू ही मेरा तारा।
प्रेम की ये बूँदें, बरसात की तरह,
हर घड़ी में छेड़े, नई बातें धर।
तू ही मेरी दुनिया, तू ही मेरा जहाँ,
तेरा साया हो संग, यही है मेरा सपना।
-कवि लोकेश
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