तुम्हारे बिना जीवन अधूरा सा लगे,
कैसे भूला दूँ तुम्हे, मेरे दिल का दर्द चुप रहे।
तमाम रातें कट जाती हैं यादों में,
तुम्हारी बातें, तुम्हारा हंसना, मुझे तड़पाती हैं।
ब्रेकअप का दर्द ना कोई जानें,
मेरे दिल को समझाओ, मेरी धड़कनें सुनो।
तुम्हारे बिना मर जाएंगे हम,
पर कोई उम्मीद थी, तुम थामोगे मेरा हाथ।
लेकिन अब वो सपने टूट गए हैं,
तुमने मेरे साथ तोड़ा है ये वादा साथी।
मिलने का वादा क्यों किया था तुमने,
चले गए हमारी तन्हाई के साथ।
इस ब्रेकअप का दर्द अब सहा नहीं जा रहा,
तुम चले गए, मुझे छोड़कर, यहाँ तन्हा।
लेकिन एक बात याद रखना,
तुम्हारी यादों में भी हम जी रहे हैं।
-कवि लोकेश
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