ब्रेकअप के दर्द को,
कोई भी नहीं समझ सकता।
जिसका बीटा वो जान सकता है,
क्या होता है दर्द एक तोड़े दिल का।
दिल में छूट जाती है उसकी यादों से,
हर क्षण लगता है जैसे हो गया है आसुओं से।
बिना उसके साथ जीने की मुश्किल,
अब कोई मायने नहीं रह जीने का है।
कभी साथ थे हम खुशी के पलों में,
अब एक दूसरे से भागने की चाहत में।
क्यों हो जाते हैं ये ब्रेकअप,
दिल को छू जाता है तनहाई का दर्द यही बात।
प्यार की राहों में हर इशारा,
कोई भी न भुला पाता है खुद को वह एहसास।
पर जब हो जाता है ब्रेकअप का सच,
तब दिल टूटता है और सब कुछ हो जाता है बेवजह।
ब्रेकअप का दर्द अब जानता हूं,
क्योंकि मैं भी हुआ हूं उस तड़प भरी रात का।
पर आज भी उसकी यादों में खोया हूं,
क्योंकि दिल का दर्द कोई नहीं समझ सकता है और न कोई भी जिता सकता है इससे आगे का।
-कवि लोकेश
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