Certainly! Here’s a poem in Hindi on the topic of breakup:
विराम
तुम्हारी यादों की छाया,
दिल में बसी एक गहराई,
हंसते-खेलते वो पल,
अब हैं बस एक सिसकी।
ख्वाबों में रंग थे कई,
पर अब हैं वो सारे स्याह,
तेरे बिना अधूरी लगें,
हर सुबह और हर शाम।
तूने कहा था हमेशा,
साथ चलेंगे हर लम्हा,
पर अब वो जिंदगानी,
सिर्फ रह गई एक कहानी।
गले लगा कर जो कहा था,
वो प्यार था या एक धोखा?
दिल के कोने में छुपा है,
बस एक अधूरा सपना।
लेकिन चलो, इस अधूरे मन में,
एक नई शुरुआत करूंगी,
तेरी यादों को दफन कर,
खुद से फिर मिलूंगी।
खुले आसमान में उड़ान भरूं,
नए सफर की राह पर चलूं,
इस दर्द में भी एक खूबसूरती है,
खुशियों की नई बुनाई करूं।
-कवि लोकेश
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