तुम मेरे जीवन के साथी थे,
सब कुछ संग संगीन था।
पर एक दिन वह पल आया,
जब हमारा साथ टूटा।
तुम मुझसे दूर चले गए,
मेरे दिल को छोड़ कर।
तुम्हारी ख्वाहिश ने मेरे सपनों को तोड़ दिया,
एक अजीब सा अफसोस है दिल पर।
क्योंकि हमारी मुहब्बत थी पाक,
पर पता नहीं कैसे टूट गई।
क्या मैंने कोई गलती की थी,
या सिर्फ हमारी किस्मत फिसल गई?
पर अब मैं एक और रास्ता ढूंढ़ूंगा,
अपने दर्द को सुलझाऊंगा।
क्योंकि तुम नहीं हो मेरे साथ,
पर मेरी जिंदगी को अब बेहतर बनाऊंगा।
तुम्हें याद आएंगे हमेशा,
फिर भी मैं अपने आप को संभालूंगा।
क्योंकि इस ब्रेकअप में हारना नहीं है मेरे लिए,
मैं खुद को और मजबूत बनऊंगा।
-कवि लोकेश
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