खामोशियों का चुप्पा (Khamoshiyon Ka Chuppa) – The Silence of Absence


बिछड़ने की बाते, दिल में छुपी हैं,
कसके बंधी यादें, अब दूर जुदा हैं।

वो हंसने की लम्हे, अब है खाली,
आँखों में गीले, सपने हैं बुने।

हर मोड़ पर तेरा, एहसास है ज्यों,
तेरे बिना ये राहें, वीरान हैं।

चाहत की रंगीनियाँ, काली होती जा रही,
खुशियों की बगिया, अब उजड़ा सा है।

जितना चाहा था तुझे, उतना ही खोया,
अब तो बस ये दिल, तन्हा हैं रोया।

लेकिन फिर भी, मैं आगे बढ़ूँगी,
इस दर्द की गहराई, एक कहानी बनेगी।

विराम नहीं है ये, बस एक मोड़ है,
नई राहों की ओर, चलने को तैयार हैं।

-कवि लोकेश


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Lokesh T

एक हिंदी कवि के रूप में, मैं अपने शब्दों के माध्यम से जीवन की सुंदरता, जटिलता और बारीकियों को पकड़ने का प्रयास करता हूँ। अभिव्यक्ति की इस यात्रा में मेरे साथ जुड़ें क्योंकि मैं कविता की शक्ति के माध्यम से अपने विचारों, भावनाओं और अनुभवों को साझा करता हूँ।

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