प्रेरणा
सपनों की उड़ान हो, हौसले की बात हो,
हर गिरने से उठें, यही तो जिन्दगी का साथ हो।
सूरज की किरणों में, छुपी है रोशनी,
हर मुश्किल के आगे, हो तुम एक चिंगारी।
खुद पर यकीन रखो, यही है असली कला,
हर मुश्किल का सामना, मिलकर है हल करना।
कोशिशों का दीप जलाकर, चलो आगे बढ़ें,
हर लम्हा है अनमोल, इसे खूबसूरत बनाएं।
कदम-कदम पर सिखाते हैं, जीवन के पाठ,
इनसे मिलती है हमें, नई सोच और हिम्मत की बात।
जीवन की इस दौड़ में, न हो कोई मायूस,
प्रेरणा का सार है, बस करना नित्य नवसृजन्।
धैर्य की हो धार, और सपनों का संसार,
हर एक नई सुबह, लाए खुशियों का उपहार।
तो उठो, जागो, चलो, सपनों को साकार करो,
प्रेरणा की इस गंगा में, खुद को हर बार भरो।
-कवि लोकेश
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