प्रेरणा की रोशनी
चमकती सुबह की पहली किरण,
आसमान में बिखरे हैं सपनों के चमन।
हर मुश्किल में तेरा हो सहारा,
प्रेरणा की राह दिखाए, तू है नारा।
उठते हैं ख्वाब, चढ़ती है तरंग,
हिम्मत से जलती है, जोश की संग।
गिरकर उठने का, है जज्बा दिल में,
हर ठोकर से सिखता, तू चल मजबूर दिल में।
इक जुनून है, जो सच्चाई से भरा,
हार नहीं मानना, यही है सच्चा घेरा।
हर कदम पर तेरा, साथ हो जब यार,
धूप-छांव से न भागे, चल संग प्यार।
सपनों के आकाश में, उड़ान भरने दो,
हर जोश से बढ़कर, नयी कहानी कहने दो।
प्रेरणा की इस लहर में, खोच ले जोश,
तू बना सच्चा, हर सपना जो होगा रोश।
-कवि लोकेश
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