तुम्हारे लबों से निकली हर बात,
तुम्हारी आँखों में छुपी हर राज,
प्यार के जले अश्कों से भरी रात,
अब कैसे कह दूँ, हमारा हुआ ब्रेकअप।
चिट्ठी लिख कर तुमने कह दिया विदायी,
दिल में छुपी हर ख़ुशी लिए जा रहे सवाल,
कहते थे हम एक दूसरे के लिए बने हैं हम,
फिर क्यों हुआ ऐसा, हमारा हुआ ब्रेकअप।
दर्द भरी हुई है मेरी आँखों में, सोना,
तुम्हारी यादों से भरी हुई है जो योगि रोना,
कैसे भूल पाऊँगा मैं तुम्हें, मेरे सपनों में,
अब क्या करूँ, मैं तोड़ी है कसाम, आज हुआ है हमारा ब्रेकअप।
जीवन के सफर में एक कटाव है यह,
जिसे भूलाना मुश्किल है, जिसे बोझ समझा है दिल,
प्यार की गहराइयों में निकला हर कबीलोगी,
अब मैं अकेला खड़ा हूँ, हमारा हुआ ब्रेकअप।
उम्मीदें और सपने, सब तोट गए अब,
दिल टूट गया है, मुसीबत में छाने,
प्यार की दास्तान खत्म हो गई है अब,
अलविदा कहता है, मेरी ये ब्रेकअप।
धूप के रंगों में, अब रंगा है दिल,
तन्हाई में जीना, लगता है मुश्किल,
तुम्हारे बिना दिल में कोई अभाव,
पर नहीं मिलती है, तेरा है एक ब्रेकअप।
कुछ कहना बाकी है, पर कैसे कहूँ,
मोहब्बत के बहाने, कभी जो भी कहा,
एक ख़्याल था तेरा, मेरा हर बात पे,
पर खतम हो गया सब कुछ, हुआ हमारा ब्रेकअप।
-कवि लोकेश
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