तुम्हारी यादें बरसों बाद भी
दिल को छू रही हैं तुम्हारे किनारे
वो साथ बिताए पल जब तुम अपने थे
अब एक अजनबी के रूप में निगाहें खड़ी हैं
तुमने चोड़ कर जाने कि बात कर दी
मेरी दिल की धड़कनें भी थम गई
मेरे लिए तुम एक महसूस थे
और आज तुम मेरे लिए बस एक ख्वाब हो
ब्रेकअप की तकदीर में लिखा था हमारा नाम
कुछ अलग सोचना हो गया हमारे बीच की बातें
तुमने चुना अपने जन्नत को
और मैं रह गई यहाँ अपने ग़मों के साथ
लेकिन अब भी तुम्हारे लिए दिल धड़कता है
यादें तुम्हारी मेरे पीछे छुटती नहीं
ब्रेकअप का दर्द है बहुत गहरा
पर जीना सिखना हुआ हमें मजबूर
इस ब्रेकअप से हम जिन्दगी सीखेंगे
कि सच्चा प्यार क्या होता है और क्या नहीं
और शायद किसी नए अपने एहसास के साथ
हमारी यह ब्रेकअप को भूल जाएंगे।
-कवि लोकेश
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