बिछुड़ा है दिल, खो गया चाँद,
तन्हाई में बढ़ रहा है ये दर्द।
मिट गई उसकी मोहब्बत की बात,
दिल की ये दास्तान है अब विचार।
बिना तुम्हारे सपने हैं अधूरे,
बिना तुम्हारे हैं जीवन के सवाल।
तोड़ दिया हमें तुमने ये मोहब्बत की जब्र,
अब भरोसा नहीं किसी दिल का किसी पर।
बातें अब नहीं हैं, बिजली ने चमकारी,
धडकनें बंद हैं, थम गया है प्यारी।
अब आँसू हो गए हैं हारा,
तू कहाँ चला गया, हमारा प्यार समारा।
बिछुड़ कर भी दिल मुस्कुरा रहा है,
कोई खिलवार हो गया है यकीन मेरा।
उसके लिए दिल साध शुक्रिया कहता है,
क्योंकि उसके इश्क़ ने मुझे बहुत सिखाया।
अब आसमान भी अब नहीं लगता आसमान,
जीवन की राहों पे लगे हैं थोकर।
लेकिन जीना है अब भी, मगर बिना तुझसे,
तन्हाई में बढ़ रहा है ये दर्द।
-कवि लोकेश
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