अलविदा का दर्द


अलविदा कहने को तुमने कह दिया,
दिल में दर्द को बहुत सह लिया।

फिर भी सुनाई नहीं दिया मन की बात,
हमने कहा था तुमसे किसी से हमारी बात।

तुम्हारे साथ बिताई हर लम्हा याद आता है,
मगर अब वो सभी पल अधूरे लगते है।

क्योंकि हमारे बीच की दूरियाँ बढ़ गई,
तुमने अपनी मोहब्बत से हमें छोड़ गई।

मन करता है तुम्हें वापिस बुला लूं,
पर क्या फायदा, जो अपना ही नहीं थुम।

अब जीना होगा मेरे बिना तुम्हारे साथ,
कठिन है पर अब यही सच है मेरा हाथ।

अलविदा कहते हैं हम इस प्यार की दास्तान,
जो बना हमें और तुम्हें अपनान।

फिर मिलने की उम्मीद में छोड़ जाते हैं हम,
पर कोई नहीं जानता कि ये अलविदा किसके नाम।

-कवि लोकेश


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Lokesh T

एक हिंदी कवि के रूप में, मैं अपने शब्दों के माध्यम से जीवन की सुंदरता, जटिलता और बारीकियों को पकड़ने का प्रयास करता हूँ। अभिव्यक्ति की इस यात्रा में मेरे साथ जुड़ें क्योंकि मैं कविता की शक्ति के माध्यम से अपने विचारों, भावनाओं और अनुभवों को साझा करता हूँ।

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