तेरे साथ होने की थी यही मेरी ख्वाहिश,
पर वो तेरी जिद्द ने किया बर्बाद।
तुझसे मिलकर सुकून था मेरे दिल को,
पर तूने तो बस खेला मेरे सजावात।
बिना बात के तूने तोड़ दिया इस रिश्ते को,
छोड़ दिया मेरे दिल को दर्द के पात।
तेरे बिना अब मैं कैसे जिऊंगी,
दिल का वो दर्द कैसे मैं सहूँगी।
तेरी वजह से होने लगे मुझे तकलीफ,
अब मेरी जिंदगी में आया है इंतज़ार की बारी।
किनारे पे खड़े हैं अब मेरे आंसू,
कहीं नहीं है अब मुझे रहत खुद की।
मेरी यादों का कोई असर नहीं तेरे दिल पर,
अब मैं बस खुद को संभालूँगी इस संसार में।
तू मेरी तन्हाई में बैठ कर रोता है,
पर मेरे बिना तू खुश कैसे होगा।
अब हमारा रिश्ता कुछ नहीं रहा,
एक ब्रेकअप है ये, प्यार की कहानी का अंत।
लेकिन मैं तुझे करूँगी याद हमेशा,
क्योंकि तू था मेरा पहला और आखरी प्यार।
-कवि लोकेश
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