तुमने कहा था हमसे
कि तुम दिल से हमें चाहते हो
पर फिर एक दिन मुझसे कह दिया
कि तुम्हारे लिए ये सूझता नहीं है
मेरी आँखों में थी तुम्हारी खोज
मेरी रुह में थी तुम्हारी धधकन
लेकिन तुमने छोड़ दिया मुझको
मेरे दिल को तोड़ दिया तुमने
मेरे दिल में जल रही है अब बस आग
तुम्हारी यादों से भरी है वो रातें
पर अब नहीं है तुम्हारी मिलने की उम्मीद
मेरी दुनिया को तो तुमने बर्बाद किया
पर फिर भी सजता रहूंगा मैं तुम्हारे लिए
क्यूंकि तुम मेरे दिल में हो अभी भी
पर वो बात जो तुमने कही थी उसने
मेरी दिल को तोड़ दिया हर तरफ़ से।
अब कर दो तुम एहसाह् कुछ तो मेरे लिए
क्यूंकि मेरे दिल का वो टुकड़ा
अब जुदा हो चुका है तुमसे।
-कवि लोकेश
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